टैक्सी ड्राइवर और पौधा

राहुल, शहर में टैक्सी चलाता था। हर रोज़ सड़क के किनारे मुरझाए हुए पौधे को देखकर उसे बहुत बुरा लगता। एक दिन, उसने फैसला किया कि उसकी मदद करेगा। राहुल ने घर से पानी की बोतल ली और पौधे को सींचा। अगले कुछ दिनों में, पौधे में नई पत्तियां निकलीं। राहुल खुश हुआ।

कुछ समय बाद, उसी रास्ते से एक अफसर गुजरा, जिसने पहले कभी पौधा नहीं देखा था। उसने राहुल से पूछा, “यह पौधा कब लगा?” राहुल ने मुस्कुराकर कहा, “मैंने लगाया, सर। हर रोज़ थोड़ा-सा पानी देता हूं।” अफसर प्रभावित हुआ और राहुल की तारीफ की।

नैतिक शिक्षा। छोटे-छोटे अच्छे कामों का भी बड़ा असर हो सकता है। पर्यावरण की रक्षा के लिए हर कोई कुछ न कुछ कर सकता है।

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