स्टेशन पर मुलाकात

रेलवे स्टेशन पर इंतजार करती आशा को घबराहट होने लगी। उसकी ट्रेन छूटने वाली थी। अचानक, एक बुजुर्ग महिला दौड़ती हुई आई और बोली, “मेरा टिकट खो गया। क्या आपकी सीट खाली है?” आशा ने अपनी टिकट चेक की, उसमें एक सीट अतिरिक्त थी। उसने मुस्कुराकर कहा, “बैठिए, आंटी।”

ट्रेन में बातों के दौरान पता चला कि आंटी को किसी रिश्तेदार के पास जाना था, लेकिन टिकट खो जाने से परेशान थीं। आशा ने उन्हें आश्वासन दिया और स्टेशन पहुंचने पर उनकी मदद की।

आंटी बहुत आभारी थीं और आशा को आशीर्वाद दिया। आशा को खुशी हुई कि उसने किसी की मदद की।

नैतिक शिक्षा। दूसरों की मदद करने में कभी देर नहीं होती। छोटी-छोटी मदद से भी किसी का दिन बनाया जा सकता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

© 2026 Hindi Kisse Kahaniyan