रवि को नई साइकिल मिली तो वह बहुत खुश था। वह तुरंत अपने दोस्तों को दिखाने के लिए निकल पड़ा। रास्ते में, उसे दादी की पुरानी साइकिल की दुकान दिखी। दुकान बंद थी और दादी की तस्वीर फीकी पड़ गई थी।
रवि को अचानक याद आया कि दादी को साइकिल चलाना बहुत पसंद था, लेकिन उनकी साइकिल काफी पुरानी हो गई थी। रवि ने फैसला किया कि अपनी नई साइकिल दुकान के सामने खड़ी करेगा और दादी की तस्वीर को साफ करेगा।
मन में यह सोचते हुए कि दादी को ये जरूर अच्छा लगता, रवि मुस्कुराया और खेलने चला गया।
नैतिक शिक्षा। प्यार हमेशा जिंदा रहता है, भले ही वह व्यक्ति हमारे बीच न हो। छोटे-छोटे कामों से भी हम उन्हें याद रख सकते हैं।
