रिया स्कूल से घर लौटी तो गुस्से में थी। उसका प्रोजेक्ट खो गया था और वह टीचर को क्या बताएगी, यह सोचकर परेशान थी। तभी, उसकी दादी ने उसे चाय दी और पूछा, “क्या हुआ, बेटी?”
रिया ने सारी बात बताई। दादी ने धीरे से कहा, “गुस्से से कुछ नहीं होगा। कभी-कभी, जादुई शब्द काम आते हैं।” रिया को समझ नहीं आया।
दादी ने मुस्कुराकर कहा, “अपनी टीचर से माफी मांगो और उन्हें सारी बात सच बताओ। ‘माफ कीजिए’ शब्द जादुई है, इससे मुश्किलें भी आसान हो जाती हैं।”
रिया ने अगले दिन ठीक वैसा ही किया। टीचर ने उसकी ईमानदारी की सराहना की और उसकी मदद करने का वादा किया। रिया को खुशी हुई कि उसने दादी की बात मानी।
नैतिक शिक्षा। ईमानदारी और माफी मांगना बहुत जरूरी है। ये “जादुई शब्द” मुश्किलों को दूर कर सकते हैं।
