सलोनी को कलाकारी का बहुत शौक था। वह हमेशा खूबसूरत चित्र बनाती थी, लेकिन कभी भी उन्हें किसी को नहीं दिखाती थी। उसे डर था कि लोग उसके काम को पसंद नहीं करेंगे।
एक दिन, स्कूल में कला प्रदर्शनी थी। सलोनी बहुत घबरा रही थी। उसकी दोस्त, प्रिया ने उसे प्रोत्साहित किया, “सलोनी, तुम्हारी कला बहुत अच्छी है। लोगों को इसे ज़रूर पसंद आएगा।”
प्रिया की बातों से सलोनी को हिम्मत मिली। उसने अपनी पेंटिंग प्रदर्शनी में रखने का फैसला किया। प्रदर्शनी के दिन, कई लोगों ने सलोनी की कला की तारीफ की। एक जज ने तो उसे इनाम भी दिया!
सलोनी खुशी से चहक उठी। उसे एहसास हुआ कि उसने दूसरों की राय का डर मिटाकर कितना अच्छा किया।
नैतिक शिक्षा। कभी-कभी दूसरों के सामने अपने हुनर लाने में हिचकिचाहट होती है, लेकिन हिम्मत करके दिखाएं तो सफलता मिल सकती है।
