दादी की सीख

रोहन को क्रिकेट का बहुत शौक था। वह हर वक्त गली में ही खेलता रहता था। एक दिन, वह हताश होकर घर आया क्योंकि गेंद खो गई थी। गुस्से से उसने गाली दे दी।

यह सुनकर उसकी दादी आईं और प्यार से पूछा, “रोहन, क्या हुआ?” रोहन ने सारी बात बताई। दादी ने धीरे से कहा, “गुस्से से कुछ नहीं मिलेगा। कभी-कभी, शांत दिमाग से सोचने से रास्ता निकल आता है।”

रोहन को समझ नहीं आया। दादी मुस्कुराईं और बोलीं, “अपने कदमों को वापस याद करो। तुम कहाँ-कहाँ गेंद लेकर गए थे?” रोहन ने सोचा और उसे याद आया कि वह पार्क में भी गया था।

वह दौड़कर पार्क गया और वहां गेंद मिल गई। खुशी-खुशी घर लौटते हुए रोहन ने सोचा कि दादी की बात कितनी सच थी।

नैतिक शिक्षा। गुस्सा करने से कोई फायदा नहीं होता। शांत रहकर सोचने से समस्या का हल आसानी से मिल सकता है।

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