दादी माँ की कहानी

रिया को बारिश बहुत पसंद नहीं थी। एक दिन, लगातार बारिश हो रही थी। रिया घर में ही बैठी ऊब रही थी। यह देखकर, उनकी दादी माँ पास आकर बोलीं, “रिया, बाहर तो बारिश का मज़ा ही कुछ और है।”

रिया को आश्चर्य हुआ। उन्होंने पूछा, “दादी माँ, बारिश में क्या मज़ा है?” दादी माँ मुस्कुराईं और कहने लगीं, “बारिश से पेड़-पौधे हरे-भरे हो जाते हैं। कीड़े-मकोड़े खुश हो जाते हैं। पूरी धरती मानो नहा लेती है।”

रिया ने सोचा और दादी माँ की बात सच ही लगी। उन्होंने रेनकोट पहना और बरामदे में खड़ी हो गईं। बारिश की बूंदें उन्हें छू रहीं थीं। पेड़ों की पत्तियाँ हिल रही थीं। धीरे-धीरे रिया को बारिश अच्छी लगने लगी।

नैतिक शिक्षा। कभी-कभी चीज़ों को अलग नज़रिए से देखने से उनकी खूबसूरती समझ आती है।

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