राहुल एक शर्मीला लड़का था। वह नए लोगों से बात करने में घबराता था। एक दिन, पार्क में खेलते हुए उसकी मुलाकात रीना से हुई। रीना के पास एक प्यारा सा कुत्ता था, जिसका नाम टॉफी था।
टॉफी बहुत मिलनसार था। वह अपनी पूँछ हिलाते हुए राहुल के पास गया। राहुल पहले तो घबरा गया, लेकिन टॉफी की मस्ती देखकर उसे भी अच्छा लगा। धीरे-धीरे राहुल और रीना टॉफी के साथ खेलने लगे।
कुछ देर बाद, राहुल रीना से बात करने में सहज महसूस करने लगा। टॉफी की वजह से उनकी दोस्ती हो गई। राहुल खुश था कि उसने टॉफी से डरने के बजाय उसकी दोस्ती की कोशिश की।
नैतिक शिक्षा। कभी-कभी नई चीज़ों या लोगों से डरना लाजमी है, लेकिन थोड़ी हिम्मत करके दोस्ती का हाथ बढ़ाया जा सकता है।
