दादी की पुरानी हवेली

रिया एक पढ़ाकू लड़की थी। उसे इतिहास और पुराने चीजों में बहुत दिलचस्पी थी। गर्मियों की छुट्टियों में वह अपने माता-पिता के साथ राजस्थान घूमने गई। वहाँ उसकी दादी एक पुरानी हवेली में रहती थीं। यह हवेली बहुत बड़ी और खूबसूरत थी, लेकिन साथ ही थोड़ी रहस्यमयी भी लगती थी।

पहले दिन, रिया हवेली घूम रही थी। ऊपर की तरफ जाते हुए उसे एक बंद कमरे का दरवाजा दिखा। दरवाजा नक्काशीदार लकड़ी का बना था और उस पर एक बड़ा ताला लगा हुआ था। रिया ने अपनी दादी से पूछा, “दादी, ये कमरा हमेशा बंद क्यों रहता है?”

दादी मुस्कुराईं और बोलीं, “रिया, ये कमरा बहुत पुराना है। इसमें तुम्हारे परदादा जी की बहुत सारी चीजें रखी हुई हैं।” रिया की जिज्ञासा और बढ़ गई। उसने पूछा, “दादी, मैं कमरे के अंदर जा सकती हूँ?”

दादी थोड़ी देर सोचने के बाद बोलीं, “ठीक है, लेकिन सिर्फ इस शर्त पर कि तुम अकेली नहीं जाओगी और कमरे में रखी किसी चीज को छेड़ोगी नहीं।” रिया खुशी से झूम उठी और अगले दिन अपने बड़े भाई, आदित्य, को कमरा खुलवाने में मदद के लिए राज़ी कर लिया।

सुबह, आदित्य ने पुराने औज़ारों की मदद से ताला तोड़ा। कमरा धूल से भरा हुआ था। अंदर जाने पर उन्होंने पुरानी किताबें, पीतल के बर्तन, और दीवारों पर टंगी तलवारें देखीं। एक मेज पर एक अलमारी रखी हुई थी। आदित्य ने उसे खोलने की कोशिश की, लेकिन वह बंद थी।

उसी समय, अलमारी से एक हल्की सी रोशनी निकली। रिया और आदित्य चौंक गए। धीरे-धीरे उन्होंने अलमारी का दरवाजा खोला। अंदर एक पुरानी सी चाबी रखी हुई थी, जो चांदी की बनी हुई थी और उस पर हीरे जड़े हुए थे।

उन्होंने सोचा कि शायद यही चाबी उस बंद कमरे का ताला खोल सकती है। नीचे उतर कर उन्होंने दादी को चाबी दिखाई। दादी चाबी देखकर हैरान रह गईं। उन्होंने बताया कि यह चाबी उनके परदादा जी की खोई हुई चाबी है।

उस चाबी से ताला खोलने पर रिया और आदित्य एक गुप्त कमरे में दाखिल हुए। कमरे में सोने के सिक्कों से भरे हुए बक्से, रत्न जड़े हुए आभूषण, और प्राचीन चित्रों से सजी हुई दीवारें थीं। उन्हें एक पुराना नक्शा भी मिला, जिस पर किसी खजाने का रास्ता बना हुआ था।

कुछ दिनों तक रिया और आदित्य ने नक्शे को समझने की कोशिश की। आखिरकार, उन्हें लगा कि उन्होंने खजाने की जगह ढूंढ ली है। वह जगह हवेली के पीछे स्थित एक सूखे कुएं के पास थी।

उत्साहित होकर रिया और आदित्य रात को कुएं के पास गए। आदित्य ने रस्सी के सहारे कुएं के अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन अचानक रस्सी टूट गई और वह कुएं में गिर गया। रिया जोर-जोर से चिल्लाने लगी।

उसकी चीख सुनकर दादी और आस-पास के लोग वहां आ गए। दादी ने तुरंत दमकल विभाग को फोन किया। कुछ देर बाद दमकल कर्मचारियों ने आदित्य को कुएं से बाहर निकाल लिया। वह थोड़ा घायल हुआ था, लेकिन ठीक था।

नैतिक शिक्षा। यह हादसा रिया के लिए एक सबक था। उसने जाना कि लालच कभी अच्छी नहीं होती। इसके अलावा, पुराने चीजों को सम्मान देना चाहिए और उन्हें सहेज कर रखना चाहिए।

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