राहुल बाज़ार से लौट रहा था, तभी उसकी जेब से एक रुपये का सिक्का गिर गया। उसने ज़मीन पर ढूंढने की कोशिश की, पर नहीं मिला। पास में ही एक गरीब लड़का कूड़ेदान में कुछ ढूंढ रहा था। राहुल को उस पर तरस आया।
राहुल ने लड़के से पूछा, “क्या खो गया है?” लड़का बोला, “कुछ नहीं, अंकल। बस, रोटी के लिए पैसे जुटा रहा था।” राहुल को बुरा लगा। उसने अपनी जेब से दस रुपये निकाले और लड़के को दे दिए। लड़का बहुत खुश हुआ और धन्यवाद देकर चला गया।
कुछ दूर चलने के बाद, राहुल को एक दुकानदार सिक्का उठाते हुए दिखा। वह वही एक रुपये का सिक्का था। राहुल को थोड़ी देर के लिए बुरा लगा, पर फिर उसे खुशी हुई। उसने सोचा, “शायद उस लड़के के लिए ये दस रुपये ज़्यादा अहम थे।”
नैतिक शिक्षा। कभी-कभी, छोटी मदद भी किसी का दिन बना सकती है। दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
