रिया को एक नया खिलौना मिला था, एक खूबसूरत गुड़िया। वह रोज़ उस गुड़िया के साथ खेलती थी। एक दिन, रिया गुड़िया को खो देती है। वह बहुत रोने लगी।
उसकी छोटी बहन, सीता, ने रिया को सांत्वना दी और कहा, “चलो, हम दोनों मिलकर गुड़िया ढूंढेंगे।” दोनों बहनें घर के हर कोने में ढूंढने लगीं। आखिरकार, उन्हें गुड़िया सोफे के नीचे मिल गई।
रिया बहुत खुश हुई और सीता को धन्यवाद दिया। उसने सीखा कि मुश्किल समय में दोस्त और परिवार का साथ बहुत जरूरी होता है।
नैतिक शिक्षा। मुश्किल समय में परिवार और दोस्तों का सहारा लेना चाहिए।
