रिया क्रिसमस का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। उसने अपने कमरे को सजाया, क्रिसमस ट्री सजाया और सांता क्लॉज़ को पत्र भी लिखा। उसने माँ से पूछा, “माँ, सांता क्लॉज़ सच में आते हैं?”
माँ ने मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा, सांता क्लॉज़ तो आते हैं, लेकिन वो सिर्फ अच्छे बच्चों को तोहफे देते हैं।” रिया ने सोचा कि वो इस साल सबसे अच्छी बच्ची बनेगी। उसने पूरे दिन दूध पिया, सब्जियाँ खाई और माँ की मदद भी की।
क्रिसमस की रात, रिया सो गई। सुबह उठकर देखा तो उसके बिस्तर के पास एक सुंदर सा खिलौना रखा था। रिया बहुत खुश हुई। उसने सोचा कि सांता क्लॉज़ सच में आए थे।
लेकिन, फिर उसने देखा कि खिड़की पर एक छोटा सा गुब्बारा रखा है। उस गुब्बारे पर लिखा था, “लव यू, माँ”। रिया समझ गई कि ये तोहफा माँ ने दिया था। उसने माँ को गले लगा लिया।
नैतिक शिक्षा। क्रिसमस का असली जादू प्यार और खुशियाँ बांटने में है।
