रीना और मीना दोनों बहुत अच्छी सहेलियाँ थीं। स्कूल जाते समय रास्ते में एक पेड़ पर हमेशा मीठे आम लगते थे। रीना को आम बहुत पसंद थे, पर मीना को नहीं।
एक दिन, रीना ने पेड़ से एक आम तोड़ लिया। मीना ने रोका, “रीना, मत तोड़ो। यह गलत है।” रीना माने बिना आम खा गई।
अगले दिन, रीना को आम तोड़ते वक्त पेड़ का मालिक देख लिया। वह डरकर भागने लगी, तभी मीना ने दौड़कर उसका हाथ पकड़ लिया। दोनों ने मिलकर माफी मांगी और पेड़ के मालिक को पैसे दे दिए।
शाम को, रीना मीना के घर गई। मीना ने उसे एक आम दिया। रीना ने कहा, “मुझे आम पसंद है, पर तुम तो नहीं खातीं।” मीना मुस्कुराई और बोली, “आज ये आम तुम्हारे लिए नहीं, हमारी दोस्ती की मिठास के लिए है।”
रीना को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने मीना से माफी मांगी और कहा कि अब वो कभी बिना इजाजत पेड़ से फल नहीं तोड़ेगी। दोनों ने गले लगाए और अपनी दोस्ती का जश्न मनाया।
नैतिक शिक्षा। सच्ची दोस्ती वही जो गलती रोकने और माफी मांगने में हमारी मदद करे।
