रिया बागवानी का शौक रखती थी। उसने अपने कमरे की खिड़की पर एक छोटा सा गमला रखा और उसमें एक गुलाब का बीज बोया। रिया रोज़ सुबह उठकर गमले में पानी देती और धूप दिखाती। उसने धैर्य से इंतज़ार किया, लेकिन कई दिन बीत गए और कोई पौधा नहीं उगा।
रिया निराश हो गई। उसने सोचा कि शायद बीज खराब हो गया है। लेकिन उसने हार नहीं मानी। वह रोज़ गमले की देखभाल करती रही।
अचानक एक दिन, गमले से एक छोटा सा पौधा निकल आया। रिया बहुत खुश हुई। उसने पौधे की बहुत अच्छे से देखभाल की और कुछ समय बाद, उस पर सुंदर गुलाब के फूल खिले। रिया को बहुत गर्व हुआ कि उसने इतने धैर्य से पौधे को पाला है।
नैतिक शिक्षा। मेहनत और धैर्य से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
