रश्मि, रोज़ की तरह दूध लेने दुकान गई। दुकानदार, लालू, थका हुआ बैठा था। रश्मि ने पूछा, “आप ठीक हैं, लालू जी?” लालू ने जवाब दिया, “रात को दुकान में चोरी हो गई। सारा सामान ले गए।” रश्मि को बुरा लगा। उसने पूछा, “पुलिस को बताया?” लालू ने निराश होकर कहा, “बताया, पर क्या होगा? मेहनत का फल तो गया।”
रश्मि घर गई और पड़ोसियों को बताया। सब मिलकर इकट्ठे हुए और लालू की दुकान में नया सामान जुटा दिया। अगले दिन, लालू दुकान खोलते हुए हैरान रह गया। उसने रश्मि को देखा और मुस्कुराते हुए धन्यवाद दिया।
नैतिक शिक्षा। मुसीबत के समय एक छोटी सी मदद भी बड़ा बदलाव ला सकती है। मिल जुलकर हर परेशानी को पार किया जा सकता है।
