ठंडी धूप में, सड़क किनारे बैठा बुजुर्ग अख़बार बेच रहा था। एक अधेड़ आदमी अख़बार खरीदकर चलते हुए उस बुजुर्ग के हाथ में एक सिक्का फेंक गया। सिक्का दूर जा गिरा। बुजुर्ग उठने की कोशिश करने लगा, मगर कमर जकड़ थी। अधेड़ ने आह भरकर कहा, “इतनी उम्र में भीख मांगते हो?” बुजुर्ग मुस्कुराया, “नहीं बेटा, मेहनत कर रहा हूँ। ये अख़बार बेचना मेरा काम है। तुमने जो सिक्का फेंका, वो भीख नहीं मेहनत की मज़दूरी है।” अधेड़ आदमी शर्म से पानी-पानी हो गया। उसने सिक्का उठा कर बुजुर्ग के हाथ में रखा और माफ़ी मांगी। बुजुर्ग ने कहा, “कोई बात नहीं बेटा, पर याद रखना, हर चीज़ की मेहनत का सम्मान करो।”
नैतिक शिक्षा। सम्मान हर किसी का हक़ है, चाहे वो अमीर हो या गरीब। मेहनत करने वालों का सम्मान करना सीखें
